ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अदाणी फाउंडेशन ने एक नया अध्याय लिखा है. वाराणसी के सेवापुरी में स्थित अदाणी कौशल विकास केंद्र (एएसडीसी) के माध्यम से फाउंडेशन न केवल महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रहा है. हाल ही में इस केंद्र ने ज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग (केपीओ) उद्यम इंडिविलेज में 50 प्रशिक्षित महिलाओं की नियुक्ति के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है.
अदाणी फाउंडेशन का यह प्रयास देशभर में 19 शहरों के 30 केंद्रों के माध्यम से 90,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण प्रदान कर चुका है. इन केंद्रों पर डेटा प्रोसेसिंग, बाजार विश्लेषण और ग्राहक सहायता जैसे उद्योग-विशिष्ट कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी जगह बनाने का अवसर मिलता है.

सेवापुरी की संध्या वर्मा जैसी महिलाओं की सफलता इसकी प्रमाणिकता को और मजबूती देती है. किसान परिवार से आने वाली संध्या ने इस केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल इंडिविलेज में नौकरी हासिल की, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बनाया.

संध्या बताती हैं कि यह केंद्र हमारे जैसी ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नया जीवन देने जैसा है. अच्छाई के साथ विकास के दर्शन पर आधारित अदाणी समूह का यह प्रयास, समाज के कमजोर वर्गों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के अपने उद्देश्य में लगातार सफल हो रहा है.

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अदाणी फाउंडेशन और सीमेंट एवं निर्माण सामग्री कंपनी एसीसी के सहयोग से चल रहे अदाणी कौशल विकास केंद्र ने हाल ही में ज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग (केपीओ) उद्यम इंडिविलेज में 50 प्रशिक्षित महिलाओं की नियुक्ति की.

अदाणी कौशल विकास केंद्र में महिलाओं को तकनीकी, संचार और उद्योग-विशिष्ट कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है. यह प्रशिक्षण उन्हें डेटा प्रोसेसिंग, बाजार विश्लेषण और ग्राहक सहायता जैसी भूमिकाओं के लिए तैयार करता है. डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी के लिए उन्हें सक्षम बनाते हुए यह पहल सतत विकास और आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

एक किसान परिवार की संध्या वर्मा की सफलता की कहानी अदाणी कौशल विकास केंद्र की उपलब्धि को बताने के लिए काफी है. उन्होंने इस केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर इंडिविलेज में नौकरी हासिल की और अब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर है. इससे संध्या में आत्मनिर्भरता का आत्मविश्वास भी पैदा हुआ है.

संध्या कहती हैं, “यह केंद्र हमारी जैसी ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नया जीवन देने जैसा है. इस दीपावली, मैंने अपने माता-पिता को नए कपड़े उपहार में दिए और पारिवारिक आयोजनों में योगदान दिया. यह मेरे लिए गर्व का क्षण था.”

अदाणी समूह का स्लोगन ‘अच्छाई के साथ विकास’ है, जो समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. अदाणी कौशल विकास केंद्र, देशभर में 19 शहरों के 30 केंद्रों के माध्यम से संचालित हो रहा है. इन केंद्रों ने अब तक 55 से अधिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, जिनसे 90,000 से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं.

अदाणी फाउंडेशन का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है. यह पहल महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने के साथ समाज में समानता और समरसता को भी बढ़ावा दे रहा है.

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