पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के इमरजेंसी के फैसले का शिकार न सिर्फ राजनेता हुए थे बल्कि फिल्म इंड्स्ट्री से जुड़े कई कलकारा भी इमरजेंसी के खिलाफ थे. कुछ ऐसे भी थे  जिन्हें इमरजेंसी के दौरान कई तकलीफों का भी सामना करना पड़ा था. ऐसी ही कलाकारों में से एक थीं कन्नड़ फिल्मों की एक्ट्रेस स्नेहलता रेड्डी. आंध्र प्रदेश में जन्मी स्नेहलता रेड्डी अपने दौर की बहुत फेमस और बहुत एक्टिव एक्ट्रेस थीं. जिनके लिए कहा जाता है कि उन्हें जेल में कई तरह से प्रताड़ित किया गया. लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी बल्कि वो लगातार महिलाओं के अधिकारों के लिए जेल में रह कर आवाज उठाती रहीं. उनकी पोती जुई कुमार रेड्डी ने उनसे जुड़ी यादें शेयर की हैं.

इमरजेंसी में हुई थी जेल

स्नेहलता रेड्डी को इमरजेंसी के दौरान जेल में डाल दिया गया था. राजनीतिक गलियारों में कहा जाता है कि स्नेहलता रेड्डी और समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस के बीच काफी अच्छे संबंध थे. जॉर्ज फर्नांडिस को पकड़ने के लिए उस समय स्नेहलता रेड्डी पर शिकंजा कसा गया. 2 मई 1976 को डायनामाइट केस के तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और बेंगलुरू जेल भेज दिया गया. यहां भी जेल प्रशासन के जरिए उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा. जेल में उन्हें एक बहुत छोटे से बैरक में रखा. उसी बैरक के एक कोने में ही खुले में शौच करने की मजबूरी थी. इस हाल में रह कर भी वो महिला कैदियों के हित में आवाज उठाती रहीं. 

स्नेहलता रेड्डी ने लिखी थी डायरी

जेल में दिन बिताते हुए ही स्नेहलता रेड्डी ने एक डायरी भी लिखी थी. इस डायरी में उन्होंने कई बातें शेयर की थीं. जो जेल के उनके कड़वे अनुभवों पर आधारित थी. जिसमें महिला कैदियों को किस तरह अपमानित किया जाता है ये भी लिखा था. उनकी डायरी में लिखे अनुभवों पर डॉक्यूमेंट्री भी बन चुकी है. स्नेहलता रेड्डी अस्थमा की मरीज भी थीं. ऐसे हालात में वो जेल में जमीन पर ही सोने पर मजबूर थीं. जेल से रिहाई के पांच दिन बाद ही उन्हें हार्ट अटैक आ गया था और उनकी मौत हो गई.

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