इजराइल को 27 टन विस्फोटक, ईरान के साथ चाबहार डील… कितना हैरान करती है मोदी सरकार की मिडिल ईस्ट डिप्लोमेसी?
Indian Diplomacy: मिडिल ईस्ट की अस्थिर और संवेदनशील राजनीति के बीच भारत ने अलग अलग देशों से नाजुक संतुलन बना रखा है और ये संतुलन इस तरह का है, कि एक तरफ भारत ईरान के साथ अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए चाबहार पोर्ट के लिए डील करता है, तो दूसरी तरफ ईरान के कट्टर दुश्मन इजराइल को गोला-बारूद की सप्लाई करता है।
इजराइल और गाजा के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक विवादास्पद कहानी सामने आई है। कहानी ये है, कि भारत, इजराइल को बम-बारूद की सप्लाई कर रहा है, लिहाजा नई दिल्ली की इस डिप्लोमेसी को समझने की जरूरत है।
भारत, इजराइल हथियारों के सबसे बड़े खरीददार देशों में से एक है, लेकिन इस वक्त जब इजराइल गाजा में एक भीषण युद्ध में उलझा हुआ है, उस वक्त भारत यहूदी राज्य को गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है।
रिपोर्टों से पता चलता है, कि जैसे-जैसे इजराइल और ईरान समर्थित हमास के बीच संघर्ष तेज हुआ, युद्ध सामग्री के रणनीतिक आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका तेजी से महत्वपूर्ण हो गई।
हालांकि, इस नाजुक हथियार डिप्लोमेसी पर अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया है और ना ही किसी ने अभी तक भारत पर सवाल ही उठाए हैं। लेकिन, इसका खुलासा उस वक्त हुआ, जब डेनमार्क के ध्वज वाले जहाज, जिसमें 27 टन विस्फोटक भरा था और जो चेन्नई से इजराइल के हाइफा पोर्ट के लिए निकला था, उसे स्पेन ने अपने बंदरगाह पर रूकने की इजाजत नहीं दी।
