देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में एआई और मशीन लर्निंग कोर्स करने का सुनहरा अवसर

देश के कई प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) छात्रों और पेशेवरों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) के क्षेत्र में ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स संचालित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों की शुरुआत बेहद कम शुल्क से होती है, जिससे विभिन्न पृष्ठभूमि के उम्मीदवार अपनी जरूरत के अनुसार सही विकल्प चुन सकते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, फाइनेंस और तकनीक के क्षेत्र में एआई की बढ़ती मांग को देखते हुए ये कोर्स करियर को नई दिशा देने में मददगार साबित हो सकते हैं।

देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में एआई और मशीन लर्निंग कोर्स करने का सुनहरा अवसर

प्रमुख आईआईटी संस्थानों के एआई कोर्सेज और फीस विवरण

विभिन्न आईआईटी संस्थानों द्वारा संचालित इन कार्यक्रमों की फीस और अवधि अलग-अलग है:

  • आईआईटी मद्रास: इसके अंतर्गत स्वायम प्लस और आईआईटीम प्रवर्तक प्लेटफॉर्म पर प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और एआई से जुड़े कोर्स मात्र 100 रुपये प्लस जीएसटी से शुरू होते हैं, जबकि अन्य प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं।
  • आईआईटी रुड़की: आईहब दिव्यसंपर्क के तहत पाइथन फॉर ऑटोमेशन जैसे कोर्स की फीस 8,500 रुपये और एजेंटिक सिस्टम्स डिजाइन की फीस 50,000 रुपये है।
  • आईआईटी कानपुर: फाइनेंस में एआई कोर्स की फीस 45,000 रुपये है, जबकि मशीन लर्निंग के एडवांस सर्टिफाइड प्रोग्राम की फीस लगभग 1.49 लाख रुपये से शुरू होती है।
  • आईआईटी दिल्ली: यहाँ उत्पाद प्रबंधन और नेतृत्व से जुड़े एआई कोर्स की फीस 1.80 लाख रुपये और जीएसटी है।
  • आईआईटी हैदराबाद और मंडी: यहाँ एआई और मशीन लर्निंग के शॉर्ट-टर्म और छह महीने के प्रोग्राम लगभग 50,000 रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक की फीस में उपलब्ध हैं।
  • आईआईटी बॉम्बई और खड़गपुर: इन संस्थानों में लीडरशिप और अप्लाइड एआई से जुड़े प्रीमियम और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम संचालित किए जाते हैं, जिनकी फीस 1.80 लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये तक जाती है।
  • आईआईटी पटना: यहाँ नॉन-टेक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों के लिए भी लगभग आठ महीने का सर्टिफिकेशन कोर्स उपलब्ध कराया जाता है।

दाखिला लेने से पहले जरूरी बातें

किसी भी संस्थान में आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपनी पात्रता, कोर्स की अवधि, और अतिरिक्त जीएसटी शुल्कों की पूरी जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। इसके साथ ही, व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट्स और प्लेसमेंट सहायता से जुड़ी शर्तों को भी अच्छी तरह जाँच लेना आवश्यक है ताकि बेहतर करियर विकल्प का चुनाव किया जा सके।

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