पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित गिरीश पार्क थाना क्षेत्र के चोरबागान इलाके में दुर्गा पूजा समारोह के दौरान मची भगदड़ में 17 श्रद्धालुओं की मौत की आशंका जताई गई है। इस दुखद हादसे में 25 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणा और सीटी बजने से मची भगदड़
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना के कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मौके पर मौजूद कोलकाता पुलिस के एक एसीपी से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हादसा एक निजी सुरक्षा कंपनी के कर्मचारी की वजह से हो सकता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसी के कर्मियों द्वारा माइक पर कुछ घोषणा की गई और सीटी बजाई गई, जिसके बाद पंडाल में अफरातफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
पूजा कमेटी और सुरक्षाकर्मी हिरासत में
प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पूजा समिति के सदस्यों और सुरक्षा एजेंसी से जुड़े लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक वह आधिकारिक तौर पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकालेंगे, लेकिन जनता को आश्वस्त किया है कि इस पूरे मामले की पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाएगी।
घायलों का इलाज और सख्त कार्रवाई का भरोसा
राज्य सरकार की वर्तमान में सबसे बड़ी प्राथमिकता घायलों को उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना की तह तक जाने के लिए मुख्यमंत्री राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और कोलकाता पुलिस आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक भी करेंगे। सरकार की ओर से हादसे के पीड़ितों के परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है।
