बिहार के बगहा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा एक ट्रेन से भारी मात्रा में संदिग्ध चाइनीज लहसुन बरामद किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रतिबंधित विदेशी लहसुन को नेपाल के रास्ते राज्य में लाया गया होगा, जिसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग को सौंपा जा रहा है। इस घटना के बाद बाजार में बिकने वाले लहसुन की गुणवत्ता और उसकी पहचान को लेकर लोगों में चर्चा तेज हो गई है।

चाइनीज लहसुन और देसी लहसुन में अंतर
विशेषज्ञों के अनुसार, चाइनीज लहसुन और हमारे स्थानीय देसी लहसुन में कई स्पष्ट अंतर होते हैं, जिन्हें देखकर पहचाना जा सकता है:
- आकार और रंग: चाइनीज लहसुन की गांठें काफी बड़ी, भारी और अत्यधिक सफेद व चमकदार होती हैं, जबकि देसी लहसुन का आकार छोटा और रंग हल्का पीला या क्रीम रंग का होता है।
- कलियां: विदेशी लहसुन की कलियां मोटी और खिली हुई होती हैं, जबकि देसी लहसुन की कलियां पतली और बारीक होती हैं।
- गंध और स्वाद: देसी लहसुन की गंध बहुत तेज, तीखी और स्पष्ट होती है, जबकि चाइनीज लहसुन में गंध बेहद हल्की होती है या लगभग नहीं होती है। इसका स्वाद भी हल्का होता है।
- जड़ें: देसी लहसुन में जड़ें स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं, जबकि चाइनीज लहसुन में कई बार जड़ें नहीं होती हैं।
स्वास्थ्य पर क्या होता है प्रभाव
फूड सेफ्टी अधिकारियों का कहना है कि चाइनीज लहसुन की खेती, भंडारण और प्रोसेसिंग में भारी मात्रा में केमिकल्स, कीटनाशकों और क्लोराइड का उपयोग किया जाता है, साथ ही इसमें फंगल संक्रमण का भी खतरा रहता है। इसके सेवन से पेट और आंतों में जलन, सूजन, एलर्जी, पेट के अल्सर और किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है। लंबे समय तक इसका उपयोग करने से गले का संक्रमण और दस्त जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

खरीदते समय बरतें सावधानी
बाजार में खरीदारी करते समय अत्यधिक बड़े आकार, असामान्य रूप से चमकदार और बिना गंध वाले लहसुन को खरीदने से बचना चाहिए। हमेशा स्थानीय मंडियों, भरोसेमंद किसानों या जानी-मांनी दुकानों से ही गुणवत्ता की जांच करके सामग्री खरीदें। संदिग्ध खाद्य पदार्थों की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला परीक्षण ही सबसे सुरक्षित जरिया माना जाता है।
