बिहार में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की कुल आठ सीटों पर होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी मैदान में कुल 152 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनके लिए 5 लाख 32 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रत्याशियों द्वारा दाखिल किए गए हलफनामों के विश्लेषण से साफ होता है कि इस चुनाव में भी राजनीतिक दलों द्वारा धनबल और बाहुबल पर काफी हद तक भरोसा जताया गया है।

अमीर और बाहुबली उम्मीदवार
उम्मीदवारों की संपत्तियों की बात करें तो पटना स्नातक सीट से राजद के उम्मीदवार दिलीप कुमार सबसे अमीर प्रत्याशी के रूप में सामने आए हैं, जिन्होंने अपने हलफनामे में 72 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की है। इसी सीट पर उनके मुकाबले में खड़े तीन बार के विधान परिषद सदस्य और जेडीयू के नीरज कुमार के पास 80 लाख रुपये की संपत्ति है। इसके अलावा चुनावी मैदान में उतरे कई उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कई प्रत्याशियों पर गंभीर मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. मदन मोहन झा पर सबसे अधिक 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सबसे युवा और बुजुर्ग प्रत्याशी
इस चुनाव में उम्मीदवारों की उम्र का दायरा भी काफी विस्तृत है। तिरहुत स्नातक सीट से जेडीयू के उम्मीदवार अभिषेक झा 33 वर्ष की आयु के साथ सबसे युवा प्रत्याशी हैं, जबकि जेडीयू की औसत उम्र करीब 47 वर्ष बताई गई है। दूसरी ओर, सबसे उम्रदराज चेहरे के रूप में बीजेपी के तिरहुत शिक्षक सीट से उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह मैदान में हैं, जिन्होंने अपनी उम्र 79 वर्ष बताई है। राजनीतिक हलकों में बीजेपी को सबसे बुजुर्ग औसतन 69 वर्ष की पार्टी के रूप में देखा जा रहा है।
चुनावी कार्यक्रम और प्रक्रिया
मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की स्नातक सीटों के साथ-साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की शिक्षक निर्वाचन सीटों पर यह चुनाव कराया जा रहा है। पूरी चुनावी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक संपन्न कर ली जाएगी। मतदान 23 अक्टूबर को होगा और इसके बाद 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी।
