फिल्म जगत से एक बेहद बुरी खबर सामने आई है, जहां दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनका निधन अचानक दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ। इस खबर के सामने आने के बाद उनके चाहने वालों और परिवार में मातम छा गया है। सबसे दुखद बात यह रही कि जिस समय नाना पाटेकर अपनी अंतिम सांसें ले रहे थे, उस समय वह अपने परिवार के साथ नहीं बल्कि गोवा वाले घर पर अकेले थे।

अचानक फोन आया और सब खत्म हो गया: मल्हार पाटेकर
पिता के अचानक चले जाने से उनके बेटे मल्हार पाटेकर पूरी तरह टूट चुके हैं। घटना के वक्त मल्हार पुणे में मौजूद थे। सुबह के समय अचानक आए एक फोन ने सब कुछ बदल दिया। पिता के निधन की सूचना मिलते ही मल्हार बदहवास हालत में पुणे से तुरंत गोवा के लिए रवाना हो गए। मीडिया से बात करते हुए मल्हार का गला भर आया और उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है कि उनके पिता इस दुनिया में नहीं रहे। मल्हार ने कहा कि वह गोवा पहुंचकर डॉक्टरों से बात करेंगे और जानेंगे कि उस सुबह असल में क्या हुआ था।
अस्पताल में 45 मिनट तक चली कोशिशें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला इलाके में स्थित अपने घर पर रुके हुए थे। 8 अक्टूबर की सुबह अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और सीने में तेज दर्द उठा। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक कड़ा संघर्ष किया और सीपीआर भी दिया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद सुबह करीब 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार या बेटा उनके पास पहुंच पाते, उससे पहले ही वह हमेशा के लिए दुनिया छोड़ चुके थे।
पुणे लाया जाएगा पार्थिव शरीर
मल्हार पाटेकर ने बताया कि गोवा पहुंचने के बाद वह अस्पताल की सभी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करेंगे। इसके बाद दोपहर तक वह अपने दिवंगत पिता के पार्थिव शरीर को लेकर वापस पुणे लौटेंगे। परिवार में हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल है और इस मुश्किल वक्त में वे अपने प्रिय अभिनेता को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं।
