रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत-यूके एफटीए महज एक लेन-देन संबंधी समझौता नहीं है, बल्कि 21वीं सदी के व्यापार दर्शन के विकास में एक महत्वपूर्ण क्षण है.
सच परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत-यूके एफटीए महज एक लेन-देन संबंधी समझौता नहीं है, बल्कि 21वीं सदी के व्यापार दर्शन के विकास में एक महत्वपूर्ण क्षण है.