UP,AGENCY;-“मेरी बहन गांव के ही दूसरी बिरादरी के लड़के से बात करती थी। वह उससे शादी करना चाह रही थी। दोनों के अफेयर के चर्चे गांव में होने लगे थे। इससे हम लोगों की बदनामी हो रही थी। बड़ी बहन को देखकर कहीं मैं न बिगड़ जाऊं, इसकी चिंता भी भाई को सता रही थी। कुछ दिन पहले उसका प्रेमी मेरठ से लौटा था, तो हम लोगों के मना करने के बाद भी दीदी उससे मिलने गई थी। ये बात भाई अरुण को अंदर ही अंदर खाए जा रही थी, इसलिए उसने आधी रात को मीनाक्षी की उसकी ही चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके बाद हम लोगों ने रात में ही उसके शव को जला दिया, ताकि किसी को मीनाक्षी की हत्या का शक न हो।

पुलिस के सामने ये कबूलनामा अपनी ही बहन की हत्या में बड़े भाई का साथ देने वाली बहन सोनी का। हापुड़ में हुई ऑनर किलिंग में छोटी बहन, चचेरा भाई और चाचा की गिरफ्तारी हो चुकी है, तीनों जेल में हैं, लेकिन मुख्य आरोपी सगा भाई अरुण अभी फरार है। जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।

छोटी बहन के सामने हुआ पूरा हत्याकांड
SP अभिषेक वर्मा ने बताया, ”पकड़े गए तीन आरोपियों में चचेरा भाई अनुज, चाचा धीरू और मृतका की सगी बहन सोनी (19) ने हत्याकांड को कबूल कर लिया है। छोटी बहन सोनी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि माता-पिता की 15 साल पहले मौत हो गई थी। बड़े भाई अरुण ने मुझे और दीदी मीनाक्षी को पाला।

दीदी बीए सेकेंड ईयर में शहर के निजी कॉलेज में पढ़ती थी। उसका कॉलेज आते जाते समय गांव के दूसरी बिरादरी के लड़के के साथ अफेयर हो गया। वह लड़का जब भी गांव आता, तो फोन कर दीदी को मिलने बुलाता था। दीदी भी उससे मिलने जाती थी। ये सब करीब 2 साल से चल रहा था। बड़ा भाई अरुण दीदी को रोकता था, लेकिन वह खुद के बालिग होने का हवाला देकर मर्जी से शादी करने की बात करने लगती थी।”सोनी के मुताबिक, गुरुवार की रात दीदी अपने प्रेमी से फोन पर बात कर रही थी। उसे भाई ने पकड़ लिया और फोन छीन लिया।सोनी के मुताबिक,भाई ने पहले दीदी का फोन छीनकर पटक दिया। उसके बाद दीदी की ही चुन्नी से गला घोंट दिया। दीदी की मौत हो गई। ये सब मेरे सामने हुआ। भाई ने मुझे भी चुप रहने को कहा।

जानते हैं क्या है पूरा मामला 

हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के गांव रामपुर में गुरुवार यानी 3 मार्च की रात बड़े भाई अरुण ने अपनी सगी बहन मीनाक्षी (23) की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद छोटी बहन सोनी और चचेरे भाई अनुज की मदद से शव को चादर में लपेटा। इसके बाद बाइक पर शव लादकर गांव के बाहर श्मशान घाट ले गए। यहां कंडों और लकड़ी में रखकर शव को जला दिया।

किसी को शक न हो, इसलिए गांव वालों से कहा था कि बहन किसी के साथ भाग गई है। लेकिन गांव के युवक ने शक होने पर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस श्मशान पहुंची तो वहां मौके से राख का ढेर और कुछ अस्थियां मिली हैं। जिन्हें फोरेंसिक टीम ने एकत्र कर जांच के लिए लैब भेजा है।

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