New Delhi/AGENCY :शराब नीति केस में CBI रिमांड पर चल रहे दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। न्यूज एजेंसी के मुताबिक CJI की बेंच ने उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट आने पर फटकार लगाई और कहा कि आप हाईकोर्ट जाइए, सीधे हमारे यहां आने का क्या मतलब है। हम एक गलत परंपरा को बढ़ावा नहीं दे सकते।

सिसोदिया की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मंगलवार सुबह फौरन सुनवाई के लिए याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। शाम 4 बजे CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने मामले की सुनवाई की।

बेंच ने कहा- सिर्फ इसलिए कि मामला दिल्ली का है, हम इसमें दखल नहीं दे सकते। आपको हाईकोर्ट जाना चाहिए। आपके पास और भी कई कानूनी विकल्प हैं। सीधे सुप्रीम कोर्ट से जमानत क्यों मांग रहे हैं? यह ठीक परंपरा नहीं है। हम याचिका खारिज कर रहे हैं।

सिंघवी की दलील और कोर्ट की तल्खी
सिसोदिया के वकील अभिषेक सिंघवी ने विनोद दुआ केस का हवाला देते हुए सुबह कोर्ट से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने जून 2021 में पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ कोरोना महामारी से निपटने के केंद्र की आलोचना पर देशद्रोह का मामला रद्द कर दिया था। दुआ सीधे सुप्रीम कोर्ट आए थे।

मंगलवार शाम, जब सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की याचिका पर सुनवाई शुरू की तो कहा- विनोद दुआ केस का उनके मामले से कोई संबंध नहीं है। पत्रकार का मामला भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में था, जबकि सिसोदिया का मामला कथित भ्रष्टाचार का है।

सिंघवी ने कहा- सिसोदिया की गिरफ्तारी गलत है, क्योंकि उनका नाम CBI चार्जशीट में नहीं था। CBI का यह बहाना है कि सिसोदिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस पर CJI चंद्रचूड़ ने कहा- हाईकोर्ट जाइए। हमारे दरवाजे खुले हैं, लेकिन हम इस स्तर पर इसे सुनने के लिए तैयार नहीं हैं।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा, यह एक बहुत गलत मिसाल होगी। आप ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं कर सकते क्योंकि आप दिल्ली में हैं।

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