मालदा के शरणार्थी शिविर में रह रही एक अन्य महिला ने कहा कि हमें संदेश है कि अगर हम तुरंत वहां लौटे तो हम सुरक्षित बचेंगे या नहीं. हालांकि, हमे सरकार ने भरोसा दिया तो है लेकिन कल क्या होगा इसका कुछ मालूम नहीं है.
सच परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं
मालदा के शरणार्थी शिविर में रह रही एक अन्य महिला ने कहा कि हमें संदेश है कि अगर हम तुरंत वहां लौटे तो हम सुरक्षित बचेंगे या नहीं. हालांकि, हमे सरकार ने भरोसा दिया तो है लेकिन कल क्या होगा इसका कुछ मालूम नहीं है.