Bank Loan Fraud Case Delhi:दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा  (EOW) ने करोड़ों रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी मामलों में शामिल एक कुख्यात ठग सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने मर चुके लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर बैंकों से लोन लेकर उन्हें चूना लगाया. इस मामले की 4 जुलाई 2015 को थाना सरिता विहार में एफआईआर दर्ज की गई थी. शिकायतकर्ता सोनल जैन ने आरोप लगाया था कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उनके दिवंगत पति महेंद्र कुमार जैन के नाम पर फ्लैट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर कॉर्पोरेशन बैंक, सरिता विहार शाखा से ₹3.2 करोड़ की ओवरड्राफ्ट सुविधा ले ली.

जांच के दौरान यह सामने आया कि महेंद्र कुमार जैन का 2011 में निधन हो चुका था, और बैंक को दिए गए सभी दस्तावेज फर्जी थे. संबंधित बैंक खातों को भी फर्जी पहचान पत्रों के ज़रिए खोला गया था.

फर्जी दस्तावेजों को फॉरेंसिक जांच के लिए क्राइम ब्रांच की फिंगरप्रिंट ब्यूरो, कमला मार्केट भेजा गया, जहां रिपोर्ट में दस्तावेजों पर मिले दो अंगूठे के निशान सुरेश कुमार  के रिकॉर्ड से मेल खा गए.

कौन है सुरेश कुमार

सुरेश कुमार साइबर कैफ़े चलाता है और पहले भी कई बार दस्तावेज़ों की जालसाज़ी व बैंक धोखाधड़ी मामलों में गिरफ्तार हो चुका है. उसके खिलाफ EOW और CBI में कुल 18 मामले दर्ज हैं.

2 अप्रैल 2025 को सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह फर्जी बिक्री विलेख, ई-स्टांप पेपर और नकली रबर स्टैंप तैयार करता था. उसने यह भी खुलासा किया कि उसने किन स्थानों पर यह फर्जी दस्तावेज तैयार किए और किन लोगों को सप्लाई किए. आरोपी के खुलासों के आधार पर उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है. फर्जी दस्तावेज, रबर स्टैंप और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की बरामदगी जारी है. जांच का उद्देश्य इस संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को पकड़ना है.

जनता से अपील

आर्थिक अपराध शाखा की अपर पुलिस आयुक्त अमृता गुगुलोथ ने कहा कि आम जनता से अनुरोध है कि वे किसी को भी अपने दस्तावेज़, विशेषकर मूल दस्तावेज़, लोन, बिजली/गैस/पानी कनेक्शन आदि के नाम पर न दें. यदि किसी को दस्तावेज़ की कॉपी दी जाए, तो उस पर स्पष्ट रूप से उपयोग का उद्देश्य लिखें.

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