Anmol Pachauri .

दुनिया का नैरेटिव वैश्विक ताकतों के सामने कैसे बदलता है नुपुर शर्मा के बयान से जो ओपेक देशो की प्रतिक्रिया आई है उससे ये साफ़ ज़ाहिर होता है , चीन दादागिरी के आगे कैसे ये सेलेक्टिव सोच रखने वाले देश झुकते है ,और भारत जिसने covid के समय इन देशो को वैक्सीन पंहुचा कर जो अपना सहयोग दिखाया था वह देश उसको तक पर रख कर किस तरह से अपने नैरेटिव के साथ खड़े है ये गौर करने वाली बात है

पैगंबर मोहम्मद पर दिए BJP नेता नूपुर शर्मा के विवादित बयान पर नाराजगी जताते हुए कई मुस्लिम देशों ने भारत से माफी की मांग की है। कम से कम 16 मुस्लिम देश- इराक, ईरान, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, ओमान, मलेशिया, यूएई, जॉर्डन, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बहरीन, मालदीव, लीबिया, तुर्की और इंडोनेशिया इस विवादित बयान को लेकर भारत से आधिकारिक विरोध जता चुके हैं।साथ ही 57 मुस्लिम देशों का संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन, यानी OIC भी नूपुर शर्मा के बयान की आलोचना कर चुका है।अब सोशल मीडिया पर ये सवाल उठ रहे हैं कि एक गलत बयान पर भारत के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अरब देश लाखों उइगर मुस्लिमों पर किए जा रहे चीनी अत्याचारों पर खामोश क्यों रहते हैं। ये अरब देश कई बार चीन के उइगर मुस्लिमों के शोषण के बजाय उसका समर्थन करते नजर आए हैं।

10 लाख उइगर मुस्लिमों को कैद में यातनाएं दे रहा चीन

उइगर चीन के शिनजियांग प्रांत में रहने वाले मुस्लिम हैं। इनकी आबादी करीब 1.20 करोड़ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन उइगर मुस्लिमों का पिछले कई वर्षों से सुनियोजित तरीके से शोषण करता रहा है। चीन पर उइगर मुस्लिमों के नरसंहार से लेकर जबरन मजदूरी कराने, जबरन नसबंदी कराने और महिलाओं से रेप के आरोप हैं।

मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि चीन ने नजरबंदी कैंपों में बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के करीब 10 लाख उइगर मुस्लिमों को बंदी बना रखा है।

पिछले साल चीन के एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने ब्रिटेन के स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि चीनी डिटेंशन सेंटर में उइगर मुस्लिमों के मुंह में पाइप डालकर हाथ-पैर बांध दिए जाते हैं, इन्हें कई दिनों तक भूखा छोड़ दिया जाता है। कभी-कभी तो उइगरों को पीट-पीटकर मार भी दिया जाता है। वही चीन में अभी तक 16000 मज्जिदो को तोड़ दिया गया है सैकड़ो इमाम गायब है .कई मस्जिदों को शौचालय बना दिया गया लेकिन मजाल है जो किसी के मुह से एक अलफ़ाज़ भी निकला हो . मानव अधिकार की बातें करने वालो को क्या यह अत्ताचार नही दीखता ? या चीन का दिया हुआ पैसा उनकी आँखों में पस भर देता है ?

चीन में उइगर मुस्लिमों के शोषण का समर्थन करते रहे हैं अरब देश

 

मुस्लिम देश न केवल उइगर मुस्लिमों के मामले में चीन का समर्थन करते रहे हैं बल्कि उइगर मुस्लिमों के खिलाफ चीन द्वारा चलाए जा रहे वैश्विक कैंपेन का भी समर्थन करते रहे हैं। अरब देशों के कम से कम छह देशों-मिस्र, मोरक्को, कतर, सऊदी अरब, सीरिया और यूएई ने चीन के इशारे पर न केवल उइगर मुस्लिमों को हिरासत में लिया है बल्कि चीन को डिपोर्ट भी किया है।

दरअसल, चीन शिनजियांग प्रांत में बहुसंख्यक उइगर मुस्लिमों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को आतंकवाद और चरमपंथ को रोकने और देश की सुरक्षा के लिए जरूर बताते हुए सही साबित करने का प्रोपेगेंडा चलाता रहा है। मार्च 2019 में सऊदी स्थित मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने चीन की मुस्लिम नागरिकों को देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तारीफ की थी।

अरब देशों में सबसे ताकतवर देश माना जाने वाला सऊदी अरब कई बार चीन में उइगर मुस्लिमों के शोषण का समर्थन कर चुका है। 2019 में चीन के दौरे पर गए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ चीन की कार्रवाई का आतंक और चरमपंथ के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए समर्थन किया था।

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