144 साल बाद हुआ महाकुंभ 2025 आस्था के साथ-साथ अर्थ का भी महाकुम्भ साबित हुआ. 45 दिन तक चले महाकुंभ के दौरान दुनिया के 100 से अदिक देशों से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे. इसकी वजह से ट्रांसपोर्ट सेक्टर से लेकर हॉस्पिटेलिटी, टूरिज्म तक सैकड़ों सेक्टरों के बिजनेस में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई और कुल कारोबार 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा पहुंच गया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज दुनिया उत्तर प्रदेश की जिस क्षमता को देख रही है, उसे महाकुंभ मेले से जोड़ा जा सकता है. अकेले महाकुंभ से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि में मदद मिलेगी.

दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा महाकुंभ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित हुआ है. महाकुंभ के 45 दिनों के दौरान 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे और संगम में डुबकी लगायी. श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से दोगुना से भी ज़्यादा थी. इस वजह से प्रयागराज क्षेत्र में अर्थव्यवस्था भी पहले अनुमानित २-लाख करोड़ की जगह ३-लाख करोड़ की खड़ी हुई, यानी उम्मीद से 50% से भी ज़्यादा.  

Confederation of All India Traders के महासचिव और दिल्ली की चांदनी चौक सीट से लोक सभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि बड़ी संख्या में जो श्रद्धालु महाकुंभ आये वो काशी, अयोध्या और चित्रकूट भी पहुंचे. इसीलिए इस ऐतिहासिक क्षेत्र में कुल कारोबार 4 लाख करोड़ से भी ज़्यादा का हुआ.

प्रवीण खंडेलवाल ने एनडीटीवी से कहा, “हमारा आकलन है कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज, अयोध्या, काशी, चित्रकूट और मिर्जापुर में 4 लाख करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है. सिर्फ प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 3 लाख करोड़ से ज्यादा किया अर्थव्यवस्था खड़ी हुई. जाहिर है पूरे प्रयागराज क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां अप्रत्याशित रही. पूरे महाकुंभ मेला ग्राउंड क्षेत्र में हर तरफ एक बड़ा आर्थिक क्षेत्र तैयार हो गया.

प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को हज़ारों करोड़ रुपये की राजस्व से कमाई हुई. महाकुंभ के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार को 25,000 से 30,000 करोड रुपए की राजस्व की कमाई हुई. जाहिर है आस्था का महाकुंभ अर्थ का भी महाकुंभ साबित हुआ है.

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