गुजरात:-गुजरात में पाटण शहर के एक नशामुक्ति केंद्र में इलाज करा रहे एक युवक की केंद्र के प्रबंधक और उसके कर्मचारियों ने हत्या कर दी। इसके बाद प्राकृतिक कारणों से उसकी मौत बताकर परिजनों की मौजूदगी में ही उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। हालांकि, सीसीटीवी सामने आने के बाद आरोपियों की पोल खुल गई। इस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों में से 6 को अरेस्ट कर लिया है।
लगातार डेढ़ तक घंटे तक पीटा
जांच अधिकारी के मुताबिक आरोपियों ने मृतक हार्दिक सुधार की लगातार डेढ़ घंटे तक पिटाई की थी और उसके बाद उसके प्राइवेट पार्ट में आग लगा दी थी। युवक की हत्या का बाद उसके परिवार वालों से कह दिया था कि हार्दिक की किसी बीमारी से मौत हो गई है।
परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में किया अंतिम संस्कार
चंद्रकांत अंबालाल मिस्त्री द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उनकी बहन का बेटा हार्दिक सुथार शराब का आदी था। वह पिछले छह महीने से पाटण के जयोना नशामुक्ति केंद्र में भर्ती था। बीते 17 फरवरी को चंद्रकांतभाई को नशामुक्ति केंद्र के प्रबंधक का फोन आया कि हार्दिक ने चाकू से अपना हाथ काट लिया है। इसलिए हम उसे अस्पताल ले जा रहे हैं। इसके बाद अगले दिन मैनेजर ने दोबारा फोन कर हार्दिक की मौत होने की बात कही। इसके बाद परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में एक सुनसान जगह उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।
पुलिस ने जब सीसीटीवी की जांच की तो सच सामने आया
मृतक हार्दिक सुथार शराबी था। उसके पिता ने भी उसे घर से निकाल दिया था। दूसरे लोगों से भी उसका कोई लेना-देना नहीं था। इससे किसी को उसकी मौत पर संदेह नहीं था और पूरे मामले को दबाए जाने की संभावना थी। लेकिन पी आई मेहुल पटेल ने नशामुक्ति केंद्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो मैनेजर संदीप पटेल और उसके कर्मचारियों के हार्दिक को बांधकर पीटने का फुटेज मिल गया। मामला सामने आते ही पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हार्दिक सुधार आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा था। अन्य मरीज ऐसा न करें, इसलिए आरोपियों ने उसकी पिटाई की थी।