7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद गाजा में इजरायली हमला शुरू हुआ था और इस बीच लगातार यह डर बना हुआ था कि युद्ध का स्तर बढ़ सकता है,इजरायल-ईरान के बीच युद्ध की संभावना को देखते हुए कच्चे तेल की कीमतें 6 महीने के अपने उच्चतम स्तर पर हैं. इसी बीच तेल उत्पादक देशों ओपेक ने भी हाल ही में 22 लाख बैरल प्रतिदिन की तेल उत्पादन में कटौती की घोषणा कर दी है ताकि तेल बाजार में स्थिरता आए. विश्लेषकों का मानना है कि अगर ईरान के हमले के बाद इजरायल जवाबी कार्रवाई में ईरान पर हमला करता है तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक बढ़ सकती हैं.
ईरान दुनिया का सातवां सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है और वो ओपक में तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादनकर्ता है. अमेरिकी बिजनेस न्यूज वेबसाइट सीएनबीसी से बात करते हुए रैपिडन एनर्जी के अध्यक्ष और एक पूर्व वरिष्ठ ऊर्जा अधिकारी बॉब मैकनेली ने बताया कि अगर इजरायल-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से तेल के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दिक्कतें पैदा होती हैं तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर या 130 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं.

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