इजरायल और हमास के बीच कई महीनों की जंग के बाद अब सीजफायर लागू हो गया है और शर्तों के तहत बंधकों की रिहाई भी हो रही है. हमास ने पुष्टि की है कि उसके फौजी शाखा के प्रमुख मोहम्मद दीफ की मौत हो गई है, जो 7 अक्टूबर के हमले का मास्टरमाइंड था. हालांकि, इज़रायल का दावा था कि दीफ को 6 महीने पहले गाजा पर हवाई हमले में मारा गया था.

इस बीच सीजफायर के बावजूद इजरायल फिलिस्तीनियों पर हमले जारी रखे हुए है, जो सवाल उठाते हैं कि जब सीजफायर और बंधकों की रिहाई हो रही है, तो फिर इज़रायल फिलिस्तीनियों को क्यों मार रहा है?

गाजा में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में 43 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और कई लोग जख्मी हुए हैं. इन मौतों के बीच फिलिस्तीन में इजरायली हमलों का सिलसिला थम नहीं रहा. यह स्थिति तब हो रही है जब इजरायल ने 110 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है, जिनमें से 30 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. इनमें से एक प्रमुख नाम जकारिया जुबैदी का है, जो 2021 में इजरायली जेल से भागने के बाद 2025 में रिहा हुआ. जुबैदी, जो एक समय अलसा माट ब्रिगेड का नेता था, का स्वागत जोरदार तरीके से किया गया और उसे कंधों पर बिठाकर शहर भर में घुमाया गया.

अब सवाल यह उठता है कि सीजफायर और बंधकों की रिहाई के बावजूद इजरायल की ओर से हो रहे हमलों और फिलिस्तीनियों की मौतों का सिलसिला क्यों जारी है? फिलिस्तीनी की मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ऐसे में यह देखना होगा कि यह सीजफायर कब तक लागू रहता है.

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